मेरा पहला साक्षात्कार लेखनी प्रतियोगिता -02-May-2024
शीर्षक:- मेरा पहला साक्षात्कार
यह बात उन दिनौ की है जब मैं 1979 में एम ए की पढा़ई कर रहा था। उसी समय एक प्राइवेट फाइनेंस कम्पनी में कुछ नौकरियौ के लिए समाचारपत्र में एक विज्ञापन आया। मैने भी उसकी फीस जमा करवाकर फार्म भरकर भेज दिया।
इसके लिए मेरे बड़े भाई साहब ने भी एप्लाई किया था। कुछ समय बाद हम दोनों भाईयौ का साक्षात्कार के लिए पत्र आगया। हमारा साक्षात्कार बरेली में होना था। हमें बहुत प्रसन्नता हुई और हम दोनों भाई निश्चित तारीख को साक्षात्कार देने के लिए बरेली पहुँच गये। हमारा साक्षात्कार सुबह 9 बजे होना था इसलिए हम एक दिन पहले ही बरेली पहुँच गये थे।
बरेली में हमारे एक दूर के रिश्तेदार रहते थे। वह C B C I D Inspector के पद पर थे। जब हमने उनसे अपने साक्षात्कार के बिषय में बातचीत की तब वह बोले," यह फ्राड कंपनी है। आप साक्षात्कार देकर आओ लेकिन वह आपसे किसी तरह की पैसे की मांग करें तब उनको पैसा मत देना।"
जब हम सुबह कम्पनी के आफिस पहुँचे तब पाया कि कम्पनी का आफिस एक छोटी सी दुकान में था। जिसमें एक मेज व चार पांच कुर्सियाँ रखी हुई थी।
उस आफिस के बाहर साक्षात्कार देने वालौ की भीड़ जमा होने लगी। गर्मी का समय था वहाँ पीने के लिए पानी का इन्तजाम भी नहीं था। उनके आफिस में केवल एक चपरासी था । साक्षात्कार देने वालौ की भीड़ बढ़ती ही जारही थी। चपरासी की बात कोई भी सुनने को तैयार नहीं था। कुछ समय बाद कुर्सी के लिए खींचातानी होने लगी।
कुछ समय बाद कम्पनी के कर्मचारी आये और साक्षात्कार आरम्भ हुआ। जब मेरा साक्षात्कार हुआ तब साक्षात्कार लेने वालौ ने मुझसे कहा कि आपका सलेक्शन होगया है । आपकी पोस्टिग भी आपके गाँव के पास के शहर में होजायेगी लेकिन आपको सिक्योरिटी के लिए 5000/= जमा करवाने होंगे। मेरे रिश्तेदार ने पैसे देने के लिए पहले ही मना कर दिया था। इसलिए हमें उनको कह दिया कि पैसे हम साथ लेकर नहीं आये हैं।
इसके बाद मैं वहाँ से वापिस आगया। इस तरह मेरा पहला साक्षात्कार मेरे लिए यादगार बन कर रह गया।
आज की दैनिक प्रतियोगिता हेतु रचना।
नरेश शर्मा " पचौरी "
Babita patel
04-May-2024 12:37 PM
V nice
Reply
Mohammed urooj khan
03-May-2024 01:23 PM
👌🏾👌🏾
Reply